जैसे ही बारिश आती है, मम्मियों की चिंता भी शुरू हो जाती है – “कहीं बच्चे को बुखार न आ जाए।” और सबसे ज़्यादा डर लगता है टाइफाइड का नाम सुनकर। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश के मौसम में ही टाइफाइड क्यों ज्यादा फैलता है? चलिए जानते हैं डॉक्टर से और समझते हैं कि बच्चों को इस बीमारी से कैसे बचाया जाए।
टाइफाइड होता क्या है? (what is typhoid in hindi)
टाइफाइड एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो Salmonella Typhi नाम के बैक्टीरिया से फैलता है। ये बैक्टीरिया शरीर में घुसते ही खून में फैल जाते हैं और तेज बुखार, कमजोरी, पेट दर्द और भूख कम होने जैसे लक्षण देते हैं। बच्चों में ये बीमारी और भी खतरनाक हो सकती है क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है।
बारिश और टाइफाइड का क्या कनेक्शन है? (What is the connection between rain and typhoid?)
बारिश के मौसम में गंदगी और पानी का जमाव हर गली-मोहल्ले में आम बात है। डॉक्टर बताते हैं कि इस मौसम में पीने का पानी और खाना आसानी से दूषित हो जाते हैं, जिससे टाइफाइड का खतरा बढ़ जाता है।
- नाले का पानी पाइपलाइन में मिल जाना
- खुले में बिकने वाला खाना
- बासी खाना गर्म करके बार-बार खिलाना
- स्कूल या ट्यूशन में गंदे पानी से बनी चीजें पीना
इन सबका सीधा असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है।
बच्चों को टाइफाइड से कैसे बचाएं? (How to protect children from typhoid)
डॉक्टर के मुताबिक टाइफाइड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है – साफ–सफाई और सतर्कता। कुछ आसान उपाय जो हर पैरेंट्स को अपनाने चाहिए:
✅ बच्चों को हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं
✅ बाहर का खाना खासकर पानीपुरी, चाट, कुल्फी से बचाएं
✅ हाथ धोने की आदत पक्की कराएं – खाने से पहले और टॉयलेट के बाद
✅ फल और सब्जियां अच्छे से धोकर दें
✅ बासी खाना बिल्कुल न दें, ताजा खाना ही खिलाएं
✅ बच्चों का टाइफाइड वैक्सीन ज़रूर लगवाएं
कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए? (When should one go to the doctor?)
अगर आपके बच्चे को 3 दिन से ज्यादा बुखार हो, भूख न लगे, पेट में दर्द हो या वो बहुत सुस्त लगे, तो देरी ना करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। टाइफाइड का सही इलाज ना होने पर ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
एक बात याद रखें…
बारिश मस्ती का मौसम है, लेकिन सावधानी हटी तो बीमारी पक्की! बच्चों की सेहत आपके हाथ में है। थोड़ी सी साफ-सफाई और समझदारी से आप अपने बच्चों को टाइफाइड जैसे खतरों से बचा सकते हैं।
अगर आपको ये जानकारी काम की लगी तो इसे दूसरों के साथ ज़रूर शेयर करें। अगली बार किसी और हेल्थ टिप के साथ फिर मिलते हैं!

