आजकल हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याएं कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हमारे दिल की सेहत कैसी है। डॉक्टर अक्सर कुछ टेस्ट्स कराने को कहते हैं – जैसे ECG, ECHO और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट। लेकिन आम लोग अक्सर सोचते हैं – ये होते क्या हैं? कब और क्यों कराने चाहिए? चलिए, इन्हें एक-एक करके आसान भाषा में समझते हैं।
❤️🔥 1. ECG टेस्ट क्या होता है? (What is an ECG test?)
ECG का मतलब है – Electrocardiogram
यह एक साधारण और जल्दी होने वाला टेस्ट है जो आपके दिल की धड़कनों और इलेक्ट्रिक एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है।
✅ ECG से क्या पता चलता है? (What does an ECG reveal?)
- दिल की धड़कन सामान्य है या नहीं
- हार्ट अटैक का कोई संकेत तो नहीं
- दिल के मसल्स में कमजोरी या रुकावट तो नहीं
- अनियमित हार्टबीट (Arrhythmia) तो नहीं
⏱ कितनी देर में होता है?
सिर्फ 5-10 मिनट में टेस्ट पूरा हो जाता है।
💡 कब कराएं?
- सीने में दर्द, थकान, तेज धड़कन, चक्कर या सांस फूलने पर
- हाई BP या शुगर मरीजों को समय-समय पर करवाना चाहिए
🩺 2. ECHO टेस्ट क्या होता है? (What is ECHO test?)
ECHO का मतलब है – Echocardiogram
यह एक तरह का हार्ट का अल्ट्रासाउंड होता है, जिससे दिल के अंदर की बनावट, वाल्व, और पंपिंग पावर देखी जाती है।
✅ ECHO से क्या पता चलता है? (What does ECHO reveal?)
- दिल की मसल्स और वाल्व्स सही काम कर रहे हैं या नहीं
- हार्ट में ब्लॉकेज, लीकेज या सूजन तो नहीं
- हार्ट की पंपिंग कितनी स्ट्रॉन्ग है (ejection fraction)
⏱ कितनी देर में होता है?
20–30 मिनट में हो जाता है। नॉर्मल सोनोग्राफी जैसा ही होता है।
💡 कब कराएं?
- अगर ECG में गड़बड़ी आए
- सांस लेने में दिक्कत, सूजन, या बार-बार थकावट लगे
- कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर
🧪 3. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट क्या होता है? (What is a lipid profile test?)
लिपिड प्रोफाइल एक ब्लड टेस्ट है जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और फैट की मात्रा बताता है।
हार्ट की बीमारी के सबसे बड़े कारणों में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल भी है।
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✅ इस टेस्ट में कौन–कौन से पैरामीटर आते हैं?
- LDL (Bad Cholesterol)
- HDL (Good Cholesterol)
- Triglycerides
- Total Cholesterol
💡 क्यों ज़रूरी है?
- अगर LDL ज्यादा और HDL कम है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
- लिपिड लेवल नॉर्मल रखने से दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है।
⏱ कब कराएं?
- 30 साल के बाद साल में एक बार
- अगर परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास है
- मोटापा, शुगर या हाई BP वाले मरीजों को हर 6 महीने में
🧑⚕️ एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
डॉ. अमन मल्होत्रा (कार्डियोलॉजिस्ट, दिल्ली AIIMS) कहते हैं:
“ECG, ECHO और लिपिड प्रोफाइल जैसे बेसिक टेस्ट हार्ट डिजीज को समय रहते पकड़ने में मदद करते हैं। ये जांचें आसान, सस्ती और जान बचाने वाली हो सकती हैं।”
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✅ निष्कर्ष (Conclusion):
ECG, ECHO और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कोई डराने वाली चीज नहीं, बल्कि दिल के लिए एक जरूरी हेल्थ चेकअप है। ये टेस्ट दिखाते हैं कि आपका दिल अंदर से कितना मजबूत है और आगे कोई खतरा तो नहीं।
अगर आप या आपके परिवार में किसी को सीने में दर्द, थकान, या हार्ट से जुड़ी कोई भी तकलीफ है — तो देरी ना करें, इन तीनों टेस्ट की सलाह जरूर लें।

