भारत को भूलोक का गौरव तथा प्रकृति का पुण्य लीलास्थल कहा जाता है, विश्व में भारत ही एक मात्र ऐसा देश है, जहां समय-समय पर छः ऋतुएं अपनी छटा बिखेरती हैं. प्रत्येक ऋतु का समय 2 महीने का होता है आज हम यहाँ भारत की ऋतुएं के बारें में जानकारी प्राप्त करेंगे.
भारत की छः ऋतुएँ
भारत में परंपरागत रूप से मुख्यतः छः ऋतुएं बताई गई है
ऋतु | हिन्दू मास | ग्रेगरियन मास |
वसन्त (Spring) | चैत्र से वैशाख | मार्च से अप्रैल |
ग्रीष्म (Summer) | ज्येष्ठ से आषाढ | मई से जून |
वर्षा (Rainy) | श्रावन से भाद्रपद | जुलाई से सितम्बर |
शरद् (Autumn) | आश्विन से कार्तिक | अक्टूबर से नवम्बर |
हेमन्त (pre-winter) | मार्गशीर्ष से पौष | दिसम्बर से 15 जनवरी |
शिशिर (Winter) | माघ से फाल्गुन | 16 जनवरी से फरवरी |
1. बसंत ऋतु
चैत्र और वैशाख बसंत ऋतु’ का समय होता है, इस ऋतु को ऋतुराज की संज्ञा दी गयी है, धरती का सौंदर्य इस प्राकृतिक आनंद के स्त्रोत में बहुत अधिक बढ़ जाता है,रंगों का त्यौहार होली बसंत ऋतु की शोभा को द्विगुणित कर देता है. हमारा जीवन चारों ओर के मोहक वातावरण को देखकर मुस्करा उठता है.
2. ग्रीष्म ऋतु.
ज्येष्ठ और आषाढ़ ‘ग्रीष्म ऋतु’ के मास में होती है, इसमें सूर्य उत्तरायण की ओर बढ़ता है. ग्रीष्म ऋतु प्राणी मात्र के लिये कष्टकारी अवश्य है. पर ताप के बिना सुख-सुविधा को प्राप्त नहीं किया जा सकता है, यदि गर्मी ना पड़े तो हमें पका हुआ अन्य भी प्राप्त ना हो पाएगा.
3. वर्षा ऋतु.
श्रावण और भाद्रपद ‘वर्षा ऋतु’ के मास होता है, वर्षा नया जीवन लेकर आती है. मोर के पांव में नृत्य बंध जाता है, तीज और रक्षाबंधन जैसे त्यौहार भी इस ऋतु में होता हैं.
4. शरद ऋतु.
आश्विन और कार्तिक के मास ‘शरद ऋतु’ के मास होता है, शरद ऋतु प्रभाव की दृष्टि से बसंत ऋतु का ही दूसरा रुप है, वातावरण में स्वच्छता का प्रसार दिखा़ई पड़ता है, दशहरा और दीपावली के त्यौहार इसी ऋतु में होता हैं.
5. हेमन्त ऋतु.
मार्गशीर्ष और पौष ‘हेमन्त ऋतु’ के मास होता है, इस ऋतु में शरीर स्वस्थ रहता है, और पाचन शक्ति बढ़ जाती है.
6. शिशिर ऋतु.
माघ और फाल्गुन ‘शिशिर’ अर्थात पतझड़ के मास होता है, इसका आरम्भ मकर संक्रांति से होता है, इस ऋतु में प्रकृति पर बुढ़ापा छा जाता है, वृक्षों के पत्ते झड़ने लगते हैं, चारों ओर कुहरा छाया रहता है, इस प्रकार ये ऋतुएं जीवन रुपी फलक के भिन्न- भिन्न दृश्य हैं, जो जीवन में रोचकता, सरसता और पूर्णता लाती हैं.