आज हम आपको Raksha Bandhan Essay in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध के बारे में बताने जा रहे हैं. कृपया पूर्ण जानकारी के लिए इस ब्लॉग को अवश्य पढ़ें. और अन्य जानकारी के लिए नव जगत के साथ बने रहे.
प्रस्तावना
रक्षाबंधन का त्यौहार भारत का एक महत्वपूर्ण त्योहार होता है, क्योंकि यह त्यौहार भाई और बहन के पवित्र रिश्तो का त्यौहार होता है, जो कि हिंदुओं में एक प्रमुख त्योहार माना जाता है. यह त्यौहार भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए मनाया जाता है, रक्षाबंधन का त्यौहार भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में मनाया जाता है, और इसके अलावा यह त्यौहार नेपाल और पाकिस्तान में भी बड़े उत्साह से मनाया जाता है, और कुछ अन्य धर्म भी है, जिनमें लोग इस त्यौहार को बड़े हर्ष और उल्लास से मनाते हैं. रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है, जो पारिवारिक बंधनों के एकता और मजबूती को दर्शाता है. ऐसा माना जाता है, कि इस दिन भाई बहन की आजादी, उसका सम्मान और रक्षा का प्रतिज्ञा लेता है. रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है, जो एक दूसरे को बंधे रखता है, जो जन्मों-जन्मों तक एक दूसरे का साथ देने की प्रतिज्ञा लेता है.
रक्षाबंधन का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? (Raksha Bandhan Par Nibandh)
हम आपको बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का यह अनोखा त्यौहार मनाया जाता है, इस पवित्र त्योहार पर बहनें – भाइयों की कलाई में राखी बांधते हुए उनके लंबी आयु की कामना करती हैं, और भाइयों से अपनी रक्षा का वचन मांगती है. रक्षा बंधन का यह त्योहार मानवीय भावनाओं की शक्ति को प्रदर्शित करने के साथ साथ वचनबद्धता की शक्ति को प्रदर्शित करता है. रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन का त्योहार होता है, जिसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है, और बहन भाई की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना करती है.
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रक्षाबंधन का इतिहास
रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी कर्णावती और हुमायूँ हैं, मध्यकालीन युग में राजपूत व मुस्लिमों के बीच युद्ध चल रहा था, रानी कर्णावती चितौड़ के राजा राणा संग्राम सिंह की विधवा थीं, उस दौरान गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से अपनी और अपनी प्रजा की सुरक्षा का कोई रास्ता न निकलता देख रानी कर्णावती ने हुमायूँ को राखी भेजी थी. और यही कारण है, कि रक्षाबंधन के इस त्यौहार को हिंदू सांस्कृतिक में इतना महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है.
रक्षाबंधन का त्यौहार कैसे मनाया जाता है
रक्षा बंधन के त्यौहार में बहनों द्वारा अपने भाईयों के कलाई में रक्षा सूत्र बांध कर उनसे अपने रक्षा की प्रतिज्ञा करवाती हैं, हम आपको बता दें कि रक्षाबंधन त्यौहार मनाने का भी एक विशेष तरीका होता है, और उस तरीके के अनुसार हमें रक्षाबंधन का त्यौहार मनाना चाहिए. रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के तरीके नीचे निम्नलिखित रुप में दिए गए हैं:-
- रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार मनाने के लिए सबसे पहले रक्षाबंधन के दिन प्रातः काल भाई-बहन को स्नान करके भगवान की पूजा करनी चाहिए.
- इसके बाद बहन को एक थाल में रोली, अक्षत, कुमकुम तथा दीप जलाना चाहिए.
- और फिर बहनों द्वारा अपने भाईयों की आरती उतारनी चाहिए, और अपने भाइयों की लंबे उम्र तथा समृद्धि की मंगलकामना करते हुए भाइयों की कलाई में राखी बांधनी चाहिए, और उनका मुंह मीठा करना चाहिए.
- उसके बाद भाइयों को अपनी बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए, तथा उन्हें उनकी पसंद के उपहार देना चाहिए.
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रक्षा-बंधन का महत्त्व
हम आपको बता दें, कि रक्षाबंधन का हिंदू त्योहारों में विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह राखी बांधने की परंपरा प्राचीन समय से ही चली आ रही है, रक्षाबंधन एक रक्षा का रिश्ता होता है, जो बहन और भाई एक दूसरे के प्रति प्रेम और कर्तव्य का पालन, रक्षा करने की प्रतिज्ञा लेते हैं, और ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं. हिंदू धर्म में ही नहीं बल्कि रक्षाबंधन का त्योहार जैन धर्म में भी मनाया जाता है. इस प्रकार रक्षा बंधन भाई बहन का एक पवित्र और प्रेम स्नेह का त्योहार होता है.
उपसंहार
हम आपको बता दें कि रक्षाबंधन का त्यौहार भाई एवं बहन के अटूट रिश्ते को दर्शाता है, वर्तमान समय में यह त्यौहार हमारी संस्कृति की पहचान बन चुका है, और यही कारण है, कि यह त्यौहार एक साथ मिलजुल कर रहने के लिए प्रेरित करता है, साथ ही भाइयों को बहनों की रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित करता है.
आशा करते हैं कि यह ब्लॉग आपको Raksha Bandhan Essay in Hindi – रक्षा बंधन पर निबंध (Rakshabandhan ka Nibandh) की पूर्ण जानकारी प्रदान करने में समर्थ रहा. अन्य महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी के लिए हमारे अन्य ब्लॉग को अवश्य पढ़ें.

