Pollution Essay in Hindi – प्रदूषण पर निबंध

आज हम आपको Pollution Essay in Hindi – प्रदुषण पर निबंध, प्रदूषण का अर्थ, प्रदूषण के प्रकार, प्रदूषण के कारण , प्रदूषण को रोकने के उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं. कृपया पूर्ण जानकारी के लिए इस ब्लॉग को अवश्य पढ़ें. और अन्य जानकारी के लिए नव जगत के साथ बने रहे.

प्रदूषण का अर्थ

पर्यावरण के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में ऐसा अवांछित परिवर्तन जिसका बुरा प्रभाव मनुष्य एवं अन्य जीवों के जीवन पर पड़े, या पर्यावरण की प्राकृतिक गुणवत्ता तथा उपयोगिता को नष्ट करें वह प्रदूषण कहलाता है, अगर हम इसे दूसरे शब्दों में कहें तो भूमि, वायु, जल, ध्वनि में पाए जाने वाले तत्व यदि असंतुलित होने लगे तो यह असंतुलन ही प्रदूषण कहलाता है, इस असंतुलन के कारण कई तरह के चीजें प्रभावित होती हैं जैसे पेड़-पौधे, जीव जंतु और मनुष्य आदि.

प्रदूषण के प्रकार

हम आपको बता दें, कि प्रदूषण मुख्य रूप से पांच प्रकार के होते हैं, जिनके नाम नीचे निम्नलिखित रुप में दिए गए हैं:-

  • जल प्रदूषण – 
  • वायु प्रदूषण
  • मृदा प्रदूषण
  • ध्वनि प्रदूषण
  • रेडियोधर्मी प्रदूषण 

प्रदूषण के कारण 

हम आपको बता दें, कि बढ़ते हुए पदार्थों की मात्रा से उचित निपटान के विकल्प की कमी के कारण प्रदूषण की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. क्योंकि इन पदार्थों को घरों या कारखानों में बेकार उत्पाद के रूप में खुले स्थान पर जला दिया जाता है, जिससे  भूमि, वायु , जल , ध्वनि अत्यधिक रूप में प्रभावित होते हैं, साथ ही हम आपको बता दें कि प्रदूषण विभिन्न मानवीय गतिविधियों के कारण भी फैल रहा है. क्योंकि कुछ किसान ऐसे होते हैं, कि जो अपने खेतों में अधिक फसल उत्पादन के लिए कई प्रकार के कीटनाशक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं जिसके कारण भूमि की उर्वरक क्षमता खत्म हो जाती है, और साथ ही भूमि भी दूषित हो जाती है, इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे कारक हैं, जिसके कारण कई प्रकार के प्रदूषण लगातार फैल रहे हैं, जैसे वनों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ते हुए शहरीकरण, अम्लीय वर्षा और खनन आदि. यह सभी कारक कृषि गतिविधियों में बाधा डालते हैं, और कई प्रकार के बीमारियों को जन्म देते हैं, और हम आपको बता दें कि जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ती हुई जनसंख्या भी है.

प्रदूषण के स्त्रोत 

हम आपको बता दें, कि प्रदूषण फैलने के कई स्रोत होते हैं, जिनमें से कुछ स्रोतों के बारे में नीचे निम्नलिखित रूप में बताया गया है, जो इस प्रकार हैं:-

  • अवशिष्ट पदार्थ, जमा हुआ पानी.
  • रासायनिक पदार्थ जैसे – डिटर्जेंट्स, हाइड्रोजन, साबुन, औद्योगिक एवं खनन के अपशिष्ट पदार्थ आदि.
  • प्लास्टिक
  • गैसें जैसे- कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, अमोनिया आदि.
  • उर्वरक जैसे- यूरिया और पोटाश 
  • गंदा पानी
  • पेस्टीसाइड्स जैसे- डी.डी.टी और कीटनाशी
  • ध्वनि
  • ऊष्मा
  • जनसंख्या वृद्धि

प्रदूषण को रोकने के उपाय 

प्रदूषण को रोकने के कई तरह के उपाय हैं, जिनमें से कुछ उपायों के बारे में नीचे निम्नलिखित रुप में बताया गया है, जो इस प्रकार हैं:-

  • बायोडिग्रेडेबल उत्पाद का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करने की कोशिश करें. क्योंकि बायोडिग्रेडेबल पदार्थ को खत्म करना बहुत सरल होता है.
  • किसी भी प्रकार की फसल में कीटनाशक उर्वरकों का प्रयोग ना करें.
  • पॉलिथीन या प्लास्टिक के किसी भी पदार्थ का उपयोग ना करें, क्योंकि प्लास्टिक कभी नष्ट नहीं होती है,
  • किसी भी वस्तु को ले जाने के लिए कागज या कपड़े की थैली का उपयोग करें.
  • साथ ही हम आपको बता दें, कि भारत से प्लास्टिक की समस्या को समाप्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा डस्टबिन भी बनवाए गए हैं, जिसमें गीले कचरे अलग और सूखे कचरे को अलग डालने की व्यवस्था होती है.
  • कागज का प्रयोग सीमित मात्रा में करें, क्योंकि कागज बनाने के लिए हर वर्ष कई पेड़ काटे जाते हैं, जो कि प्रदूषण का एक मुख्य कारण होता है.
  • अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को प्रदूषण के बारे में शिक्षित करें कि प्रदूषण हमें कितना हानि पहुंचाता है और साथ ही उन्हें भी प्लास्टिक का उपयोग करने से मना करें.
  • कचरे को बाहर खुले में ना फेंके उसे भारत सरकार द्वारा लगवाए गए डस्टबिन में डालें,
  • हमें वायु को कम से कम दूषित करने के लिए सी एन जी जैसे गैसों का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि यह वायु को दूषित नहीं करती है, साथ ही हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधों को लगाना चाहिए, क्योंकि यह हमें शुद्ध हवा देता है.
  • फैक्ट्रियों को कहीं दूर स्थान पर स्थापित करें, जहां आसपास नदी या शहर ना हो, क्योंकि यह फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और अपशिष्ट पदार्थ अत्यधिक प्रदूषण फैलाते हैं.
  • साथ ही ऐसे पदार्थ का उपयोग करें, जिनका उपयोग पुनः किया जा सके.

निष्कर्ष 

हम आपको बता दें, कि प्रदूषण एक प्रकार का ऐसा जहर है, जो हवा, पानी, धूल आदि में घुलकर इन के माध्यम से मनुष्य और अन्य जीव जंतु, जैसे पशु पक्षी और वनस्पतियों को नष्ट करता है, प्रदूषण के कारण ही प्राणियों का अस्तित्व खतरे में आ गया है,  फल स्वरूप प्रदूषण के कारण आज कई प्रकार के प्राणी लुप्त भी हो गए हैं. इसलिए प्रदूषण को रोकना अति अनिवार्य हो गया है, इसके लिए सरकार द्वारा भी कई कदम उठाए गए.

आशा करते हैं कि यह ब्लॉग आपको Pollution Essay in Hindi – प्रदुषण पर निबंध की पूर्ण जानकारी प्रदान करने में समर्थ रहा. अन्य महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी के लिए हमारे अन्य ब्लॉग को अवश्य पढ़ें.

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