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कहीं आप तो नहीं खा रहे नकली अंडा, ऐसे करें आसानी से पहचान

अंडा गुणवत्ता परीक्षण, मार्केट में सिंथेटिक और प्लास्टिक के अंडे आते हैं. इन्हें खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं, आइए जानते हैं कि कैसे आप असली और नकली अंडे मैं फर्क पता कर सकते हैं.

कार्बनिक अंडे बनाम सिंथेटिक अंडे, हर साल की तरह इस साल भी सर्दी शुरू होने के साथ ही एक बार फिर मार्केट में अंडे की डिमांड बढ़ गई है, क्योंकि सर्दियों में अंडे का सेवन ज्यादा होता है, लेकिन आप जो अंडा खा रहे हैं, क्या वह असली अंडा है, दरअसल मार्केट में आजकल नकली अंडे भी बिक रहे हैं, अंडे को असली या नकली होने की पहचान किए बिना खाना आपके सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, ये आपको फायदा नहीं बल्कि उल्टा आपको बीमार करते हैं.

  • सिंथेटिकअंडे का सफेद हिस्सा खुरदुरा होगा और नेचुरल अंडे का चिकना होगा.
  • अंडे को उबालने के बाद, उसे छीलकर काटने पर अगर उसका योक जरूरत से ज्यादा पीला दिखाई दे, तो समझ जाइए यह अंडा नकली है.
  • बाजार में सिंथेटिक अंडों के अलावा, प्लास्टिक के अंडे भी बिकते हैं, ये चाइना से आते हैं, जिसके सेवन से आप बीमार पड़ सकते हैं.
  • नकली अंडे का सफेद और पीला भाग, एक ही मटेरियल से बनता है,इसीलिए उन्हें मिलाने पर यह आसानी से मिक्स हो जाते हैं.
  • अंडे तोड़ कर देखे तो नकली अंडे का पीला और सफेद भाग आपस में मिक्स हो जाता है.

नकली अंडे का वॉइट हिस्सा सख्त होता है, इसे दबाकर देखें, अगर आसानी से ना फूटे तो वह नकली अंडा है.

  • किसी भी बर्तन में पानी लेकर उसमें अंडे डालें, नकली अंडा पानी में नहीं डूबते जबकि असली अंडा पानी में डूब जाता है.
  • अंडे को अगर आप खुले में रखते हैं, उसमें मक्खियां चीटियां ना लगे तो समझ जाइए यह अंडा नकली है.

नकली अंडा आग के संपर्क में आने से आग पकड़ लेता है, क्योंकि यह प्लास्टिक से मिलकर बनता है.

नकली अंडे से आपकी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है

आर्टिफिशियल या प्लास्टिक के अंडे का सेवन किसी भी इंसान के लिए खतरनाक हो सकता है, नकली अंडे अलग-अलग तरह के केमिकल पाउडर से मिलकर बने होते हैं, सिंथेटिक अंडों से आपको कोई भी प्रोटीन नहीं मिलता है, बल्कि आपका मेटाबॉलिज्म खराब हो जाता है, अब बात आती है की आर्टिफिशियल अंडे खाने से हमारी सेहत में क्या नुकसान होता है, नीचे पढ़िए कि कैसे नकली अंडा खाने का आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. 

  • मेटाबॉलिज्म पर इफेक्ट.
  • दिमाग,नर्वस सिस्टम तथा लीवर पर बहुत बुरा असर करता है.
  • खून बनाने की क्षमता पर हार्मफुल इफेक्ट. 
  • पेट खराब होना. 
  • ब्लड प्रेशर बढ़ना. 
  • हड्डियां कमजोर होना. 
  • किडनी को नुकसान.  
  • अगर हॉर्मोन पर असर हो रहा है, तो लड़कियों को पीरियड प्रॉब्लम, हेयर ग्रोथ जल्दी होना, एक्ने की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
  • आम लोगों को डायबिटीज बढ़ना, थॉयराइड बढ़ना, हार्मोनल डिस्बैलेंस जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

ऐसे करें अंडे की क्वालिटी चेक

  • कोशिश कीजिए कि आप ऑर्गेनिक अंडे ही खाएं.
  • जिस दुकान से अंडे खरीद रहे हैं, पहले आप पता कर ले उस दुकान में अंडे आते कहां से हैं.
  • भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसा करना मुश्किल है, लेकिन फिर भी यह कोशिश करें कि अगर आपके आसपास फार्म हो तो वहीं से अंडे खरीदें.

नेचुरल अंडे खाने से क्या फायदे होते हैं.

अंडे प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स हैं. शरीर में कुछ विटामिंस और मिनरल्स की कमी को पूरा कर देता है , जैसे- विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन बी12, विटामिन डी, आयोडीन, omega-3 इत्यादि प्रकार के प्रोटीन पाए जाते हैं, अंडे में लगभग 6 प्रकार के प्रोटीन मिलते हैं.

1 दिन में कितने अंडे खाने चाहिए.

अंडे खाने की संख्या आपकी उम्र लाइफस्टाइल आपकी पर्सनालिटी पर ज्यादा निर्भर करती है, हर रोज कुछ किलोमीटर चलने के बाद भी ज्यादातर बुजुर्गों का डाइजेस्टिव सिस्टम स्लो होता है, वहीं एक ओर जिम जाने वाला यंग इंसान तेजी से कैलोरी को बर्न कर सकता है, इसीलिए बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर की सलाह से अंडे खाने की संख्या तय करें.

कैसे बनाते हैं प्लास्टिक के अंडे.

सोडियम अल्जिनेट को गर्म पानी में मिलाकर उसमें जलेटिन, ऐलम और बेन्जोइक को मिलकर एक मिश्रण तैयार होता है, इसके बाद इस मिश्रण से नकली अंडे तैयार किए जाते हैं, अंडे के पीले और सफेद दोनों हिस्से को बनाने के लिए इसी मिश्रण का प्रयोग किया जाता है, पीले हिस्से के लिए बस इस मिश्रण में थोड़ा सा पीला रंग मिला दिया जाता है, जबकि अंडे के छिलके को तैयार करने के लिए कैल्शियम क्लोराइड का प्रयोग किया जाता है.

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