कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद होते हैं. तो आज हम आपको अपने इस ब्लॉग के माध्यम से बताएंगे कि कर्म के आधार पर क्रिया के वह दो भेद कौन से हैं? तो चलिए जानते हैं:-
क्रिया किसे कहते हैं?
वे शब्द जिनसे किसी कार्य के होने का बोध होता है उन्हें क्रिया शब्द कहते हैं. दूसरे शब्दों में- किसी वाक्य में कर्ता जिस कार्य को कर रहा हो, उस कार्य का बोध करवाने वाले शब्दों को क्रिया शब्द कहा जाता है.
क्रिया शब्द के उदाहरण
- खेलना
- आना
- जाना
कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद:-
(1) अकर्मक क्रिया
(2) सकर्मक क्रिया
अकर्मक क्रिया-
वह क्रिया जिसका फल सीधा करता पर पड़े उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं. ऐसी अकर्मक क्रियाओं को कर्म की आवश्यकता नहीं होती.
अकर्मक क्रियाओं के उदाहरण:-
(i) सौरभ रोता है.
(ii) चूहा रेंगता है.
(iii) बस चलती है.
सकर्मक क्रिया –
वह क्रिया जिसका फल सीधा (कर्ता को छोड़कर) कर्म पर पड़ता है, उस क्रिया को सकर्मक क्रिया कहते हैं.
इन क्रियाओं में कर्म का होना अनिवार्य होता है.
सकर्मक क्रिया के उदाहरण:-
(i) भँवरा फूलों का रस पीता है.
(ii) उमेश मिठाई खाता है.