होमदेशदेश से जातिवाद को...

देश से जातिवाद को किन तरीकों से खत्म कर सकते हैं?

आज हम भले ही 21वीं सदी में जी रहे हैं और अपने आप को बहुत आधुनिक मानते हो लेकिन आज भी हमारे देश और समाज में कुछ ऐसी कुरीतियां हैं जो सदियों से चलती आ रहीं हैं और खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं है.

जातिवाद हमारे देश का सबसे बड़ा मुद्दा है जिसपर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी अपनी रोटी सेंकती है वोट बैंक बढ़ाने के लिए जातिवाद का मुद्दा उठाकर लोगों को गुमराह करती हैं और कई बार तो ये मुद्दा इतना गर्मा जाता हैं की देश की शांति भंग हो जाती है. लेकिन यहां सवाल ये उठता है कि देश से जातिवाद का मुद्दा कैसे खत्म होगा?

देश से कैसे जातिवाद खत्म होगा ?

आज भी हमारे देश में जातिवाद के हिसाब से भेदभाव किया जाता है ये समस्या सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है, लेकिन भारत में जातिवाद एक बड़ी समस्या बन गई है दीमक की तरह ये हमारे देश को खोखला करती जा रही है. आज हम भारत से किस तरह जातिवाद की समस्या को खत्म कर सकते हैं इस पर बात करेंगे.

इन तरीकों से जातिवाद को खत्म कर सकते हैं

दोस्तों सबसे पहले अपने भीतर हमें इस बटवारे को खत्म करना होगा.

सबसे पहले अपने भीतर के जातिवाद को खत्म करना होगा तभी आप जातिवाद से लड़ पाएंगे.

लोगों को यह सोचना होगा कि किसी भी जाति का व्यक्ति हो उससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता.

हमें समझना होगा कि समाज और देश के कुछ लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए जातिवाद का इस्तेमाल कर रहे हैं इससे देश के विकास में कोई फायदा नहीं होगा सिर्फ कुछ लोग अपने फायदे के लिए जाति के नाम पर लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

जातिवाद को खत्म करने के लिए कड़े कानून बनाने की जरूरत है.

जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए.

जाति धर्म के आधार पर बनी योजनाओं को बंद करना चाहिए.

जाति में भेदभाव नहीं करने वालों का संगठन बनाइए ऐसे लोगों से मिलिए जो जाति के आधार पर भेद भाव नहीं करते.

जाती धर्म के आधार पर आरक्षण को खत्म करना होगा.

आर्थिक स्थिति के आधार पर योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए ना कि जाति धर्म के आधार पर

हमें अपने आपको जाति के आधार पर बांटाना बंद करना होगा सभी को एक समान के नजर से देखना होगा.

जाति के आधार पर वोट देना या वोट बैंक बटोरने पर सरकार को कड़े कदम उठाना चाहिए.

ना किसी की जाति पूछें ना बताएं.

सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जातिवाद के मुद्दे पर जागरूक करने का प्रयास कर सकते हैं.

मंदिरों को जाति के आधार पर मत बांटे.

क्षमता को समता में परिवर्तित करने की क्षमता आप में होनी चाहिए.

शादी विवाह को लेकर जाति वर्ग को बांटना बंद करना होगा.

ऐसे और अन्य तरीकों से देश में फैले जातिवाद को बहुत हद तक कम और धीरे धीरे खत्म किया जा सकता है.

रोचक तथ्य

Most Popular

More from Author

संविधान में लिखे ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द का मतलब क्या है? और ये कब जोड़े गए?

जब भी भारतीय संविधान की बात होती है, तो एक लाइन ज़रूर दोहराई जाती है —“We, the people of India, having solemnly resolved to constitute India into a Sovereign, Socialist, Secular, Democratic Republic...” लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें लिखा ‘समाजवादी’ (Socialist) और ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द शुरू...

भारत में कितनी तरह की होती हैं देव यात्राएं? जानिए जगन्नाथ यात्रा से पंढरपुर वारी तक की कहानियां

ओडिशा की जगन्नाथ यात्रा से लेकर महाराष्ट्र की पंढरपुर वारी यात्रा तक, भारत में देव यात्राओं का इतिहास जितना पुराना है, उतनी ही दिलचस्प है इनकी कहानी।देव यात्राएं सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों और भगवान के बीच का एक भावनात्मक मिलन होती हैं।इनमें कभी भगवान खुद रथ...

क्यों होता है जरुरी ECG, ECHO और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट? हार्ट के लिए क्यों हैं जरूरी?

आजकल हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याएं कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हमारे दिल की सेहत कैसी है। डॉक्टर अक्सर कुछ टेस्ट्स कराने को कहते हैं – जैसे ECG, ECHO और लिपिड...

कहां-कितनी बारिश हुई? जानिए IMD बारिश कैसे मापता है

मानसून आते ही हर किसी के मन में एक ही सवाल होता है – कहां कितनी बारिश हुई?न्यूज़ चैनल, मौसम ऐप और अखबार हर रोज़ बताते हैं कि इस शहर में 15 mm बारिश हुई, कहीं और 80 mm। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये...

जुलाई से दिसंबर 2025 तक रिलीज़ होने वाली दमदार हिंदी वेब सीरीज़ की पूरी लिस्ट

अगर आप भी ओटीटी पर कुछ नया, मजेदार और दमदार देखने की सोच रहे हैं,तो 2025 का दूसरा आधा साल यानी जुलाई से दिसंबर तक आपको भरपूर एंटरटेनमेंट देने वाला है। Amazon Prime Video, Netflix, Hotstar, JioCinema और Sony LIV जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई धमाकेदार हिंदी...

डॉक्टर क्यों पहनते हैं सफेद कोट? जानें इसके पीछे का दिलचस्प लॉजिक

जब भी हम डॉक्टर के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में एक ही तस्वीर आती है — सफेद कोट पहने हुए डॉक्टर जो स्टेथोस्कोप लिए गंभीरता से किसी मरीज को देख रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि डॉक्टर हमेशा सफेद कोट ही क्यों...

शुरू होने वाला है सावन: जानिए भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए

सावन का महीना आते ही चारों ओर हरियाली, ठंडी हवा और भक्ति का माहौल बन जाता है। मंदिरों में ‘बम-बम भोले’ की गूंज और श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बनता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन के इस पवित्र महीने में कुछ खास उपाय करके...

मानसून में स्किन एलर्जी क्यों बढ़ती है? जानिए वो आम ग़लतियां जो लोग रोज़ करते हैं

बारिश का मौसम आते ही मौसम तो सुहाना हो जाता है, लेकिन साथ ही साथ स्किन एलर्जी की भी शुरुआत हो जाती है। कहीं खुजली, कहीं रैशेज़, तो कहीं फंगल इन्फेक्शन। और हैरानी की बात ये है कि ज़्यादातर बार हम खुद ही अपनी स्किन के दुश्मन...

बारिश के मौसम में बच्चों में टाइफाइड क्यों होता है?

जैसे ही बारिश आती है, मम्मियों की चिंता भी शुरू हो जाती है – “कहीं बच्चे को बुखार न आ जाए।” और सबसे ज़्यादा डर लगता है टाइफाइड का नाम सुनकर। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश के मौसम में ही टाइफाइड क्यों ज्यादा फैलता...

980+ जनरल नॉलेज प्रश्न उत्तर | सामान्य ज्ञान | GK Questions in Hindi | General Knowledge

980+ General Knowledge Question and Answer in Hindi - सामान्य ज्ञान कई विषयों पर आधारित होता है, जैसे इतिहास, भूगोल, राजनीति, विज्ञान, साहित्य, कला, संस्कृति, सामाजिक मुद्दे आदि। नीचे कुछ महत्वपूर्ण ज्ञान क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी गई है: भारतीय इतिहास: भारत के इतिहास का अध्ययन भारतीय...

Hair care: मैं अपने बालों को प्राकृतिक रूप से तेजी से और घना कैसे बना सकता हूँ?

बालों को लंबा करने या घने बालों की इच्छा सबके मन में महसूस होती है। जबकि बाल मानव शरीर में सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऊतक हैं, ट्राइकोलॉजिकल सोसायटी के अनुसार, विकास की औसत दर 0.5 से 1.7 सेंटीमीटर प्रति माह या कहीं भी लगभग दो से...

Ram Mandir Ayodhya : – जानिए राम मंदिर के बनने में किस-किस का अमूल्य योगदान रहा है

Ram Mandir Ayodhya : - "राम मंदिर" का निर्माण भारत के अयोध्या नगर में होने वाला है, और इसमें कई लोगों का योगदान हो रहा है। यह एक धार्मिक और सामाजिक मुद्दा है, और इसमें कई लोगों की भागीदारी है। कुछ मुख्य योगदान देने वाले व्यक्तियों और...