जैसा कि आप सभी जानते हैं, कि किसी भी त्योहार के बारे में सोचने से पहले हमारे मन में त्यौहार से जुड़े स्वादिष्ट हो जनों का ख्याल मन में आ जाता है, चाहे वह बच्चा हो, जवान हो या बुरा हो, सबके लिए त्योहार और उससे जुड़े भोजन का अपना ही एक महत्व होता है. लोग वर्ष भर त्योहारों और उस दिन बनने वाले स्वादिष्ट भोजनों की प्रतीक्षा करते रहते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ ऐसे भी स्वादिष्ट व्यंजन होते हैं, जिनका स्वाद उससे जुड़े त्योहार और निश्चित दिन से ही आता है. जैसे कि- होली के त्योहार के बारे में सोचते ही मन में गुजिया का ख्याल आ जाना.
तो आज हम आपको बुंदेलखंड में मनाए जाने वाले त्योहारों, उससे संबंधित भोजन और उनके पीछे की कहानियों के बारे में बताएंगे:-
चना दाल की पूड़ी
नाग पंचमी प्रत्येक वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है इस दिन नाग देवता को दूध पिलाने का रिवाज है, परंतु इसके अलावा भी इस दिन को बुंदेलखंड में बहुत ही विशेष माना जाता है, बुंदेलखंड क्षेत्र के बाँदा जिले में रहने वाली महिला किरानी का यह कहना है कि उनके यहां प्रत्येक नाग पंचमी के दिन दाल वाली पूड़ी बनाने का रिवाज़ है. उनका कहना है कि वह चना दाल पुरी बनाने के लिए सबसे पहले चने की दाल को भिगोकर सिलवट्टे पर पीसती हैं. और उसके बाद आटें को गूंदती है और घंटे के लिए छोड़ देती हैं. तब तक वह खड़ा धनियां, ज़ीरा, मैथी, डोडा नमक, लाल मिर्च आदि चीज़ें पीसकर चने के दाल में मिक्स करती हैं.
इसके पश्चात वह आटें के लोई के अंदर तैयार किया हुआ चने की दाल भरती हैं, और लकड़ी के चूल्हे पर अलसी के तेल से उसे सेंकती हैं. चने दाल की पूड़ी तैयार होने के बाद वह फिर उसे गुड़ की लपसी में खाती हैं. साथ हम आपको बता दें कि चने की दाल की पूरी खाने का सबका अपना अलग अलग तरीका होता है, कोई इसे खीर के साथ खाता है. तो कोई आलू की सब्ज़ी के साथ खाता है.
बेसन का चीला
बुंदेलखंड में इस महीने महोबा जिले की की महिलाएं इस दिन को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं और साथ ही कई प्रकार के पकवान भी बनाती हैं इसमें महिलाएं विशेष रूप से बेसन के चिल्ले बनाती हैं, बुंदेलखंड में इस त्यौहार के दिन चिल्ले बनाने पर इनका स्वाद बाकी दिनों से काफी अलग और स्वादिष्ट होता है. बेसन के चीले को अलग-अलग सामग्रियों के साथ भरकर बनाया जाता है. इसमें आप सब्ज़ियां और पनीर डालकर भी बना सकते हैं, और चटनी के साथ खा सकते हैं.
मालपुआ
बुंदेलखंड में सावन के महीने को त्योहार के रूप में मनाया जाता है, इसके साथ ही इस मौसम में कई प्रकार के व्यंजन भी बनाये जाते हैं. बीते हुए दिनों में तीज का त्योहार भी मनाया गया था. महोबा जिले की बुंदेलखंडी महिलाओं का यह कहना है कि तीज के दिन वह मालपुआ बनाकर खाती हैं. कई लोग बाहर से भी खरीदकर लाते हैं, क्यूंकि इसे बनाने में बहुत ज्यादा सामग्री लगती है.
बुंदेलखंड की महिलाओं ने मालपुआ बनाने की विधि के बारे में यह बताया है कि इसके लिए सबसे पहले 1 किलो कठिया गेहूं का आटा, 300 ग्राम गुड़, चिरौंजी, सौंप और सौंठ का घोल बनाया जाता है. और उसके बाद तेल में तल आ जाता है और खाया जाता है.
रंग-बिरंगे अनरसा
बुंदेलखंड क्षेत्र वाराणसी जिले में तीज के त्यौहार के दिन अनरसा अधिक मात्रा में लोगों द्वारा लिया जाता है, अनरसा एक प्रकार की स्वादिष्ट मिठाई का नाम होता है इसे बनाने के लिए सिर्फ चावल का आटा और चीनी की आवश्यकता होती है. जिसे लोग अलग-अलग रंग जैसे लाल, पीला आदि रंगो में बनाते हैं. और बड़े ही स्वाद के साथ खाते हैं.

