यदि आप बैतूल में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको बैतूल में मौजूद कुछ बेहतरीन पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी होनी आवश्यक होती है. तो आज के इस ब्लॉग में हम आपको बैतूल में मौजूद उन्हें बेहतरीन पर्यटक स्थलों के बारे में बताएंगे.
1. कुकरू
कुकरू बैतूल जिला सतपुड़ा की सुरम्यवादियों में बसा है. कुकरू बैतूल जिले की सबसे ऊंची चोटी है कुकरू जिला मुख्यालय से लगभग 92 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इस क्षेत्र में कोरकू जनजाति निवास करते हैं. इसी कारण इस क्षेत्र को कुकरू के नाम से जाना जाता है. कुकरू की ऊंचाई समुद्र तल से 1137 मीटर है. यहां से उगते सूर्य को देखना तथा सूर्य अस्त होते सूर्य को देखना बड़ा ही मनोरम लगता है. कुकरू काफी के बागवान के लिये भी प्रसिद्ध है. यह प्राकृतिक स्थल चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है.
2. ताप्ती उदगम
ताप्ती नदी जिसे तापी नदी भी कहा जाता है, यह भारत के मध्य भाग में बहने वाली एक नदी है जो नर्मदा नदी से दक्षिण में बहती है प्रायद्वीप भारत में केवल नर्मदा ताप्ती और माही नदी ही मुख्य नदियां हैं. जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं ताप्ती नदी मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल जिले के मुलताई से उत्पन्न होकर सतपुड़ा पर्वत क्षेत्रों के मध्य से पश्चिम की ओर बहती है.
3. बालाजीपुरम
बालाजीपुरम भगवान बालाजी के विशाल मंदिर के लिए प्रसिद्ध है यह स्थान बैतूल बाजार, नगर पंचायत के अंतर्गत आता है जिला मुख्यालय बैतूल से केवल 7 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर स्थित है, यहां मंदिर के साथ चित्र भी बने हैं जिसमें भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है. इसके अलावा यहां वैष्णो देवी का मंदिर है, वहां जाने के लिए आपको गुफाओं से होकर गुजरना पड़ता है. और यहां के आस – पास का दृश्य बहुत ही सुंदर है.
4. सालबर्डी
सालबर्डी में भगवान शिव की गुफा है, यहां प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर विशाल मेला लगता है. एक सप्ताह तक चलने वाले इस मेले में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते है. यह अस्थल बैतूल जिले के विकासखंड प्रभातपटटन की ग्राम पंचायत सालबर्डी के अंतर्गत स्थित है. और यहां पर अलौकिक शांति का अनुभव होता है.
5. मुक्तागिरि
मुक्तागिरी जैन तीर्थ मध्य प्रदेश में बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत थपोडा में स्थित है. जो एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ और धार्मिक स्थल माना जाता है. यह स्थान जिला मुख्यालय से लगभग 102 किलोमीटर की दूरी पर है मुक्तागिरी अपनी सुंदरता ,रमणीयता और धार्मिक प्रभाव के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है, यहां मंदिर में भगवान पाश्र्वनाथ की सप्तफणिक प्रतिमा स्थापित है इस क्षेत्र में स्थित मानस्तंभ, मनको शांति और सुख देने वाला है.

