होमस्वास्थ्यआलू खाने के फायदे...

आलू खाने के फायदे – नुकसान, प्रकार और पोषक तत्व

आलू विश्व का एकमात्र ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसे शाकाहारी व मांसाहारी हर तरह के व्यंजन में इस्तेमाल किया जाता है, यह सबसे आम में से एक होता है, जिस वजह से लोग इसके लाभ को ध्यान नहीं देते हैं, और आलू के फायदों से अनजान रह जाते है, यही वजह है, इस लेख में हम आलू खाने के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में आपको विस्तार से बताने वाले हैं.

आलू के प्रकार (Potato Varieties)

रसेट आलू :- रसेट आलू छोटे, मध्यम और बड़े आकार का होता है, और इनका रंग भूरा होता है, यह खाने में स्वादिष्ट होता है, और अमूमन सब्जी बनाने के लिए सबसे ज्यादा रसेट आलू का उपयोग किया जाता है,

2. लाल आलू :-  यह आलू का एक सामान्य प्रकार होता है, जो लाल रंग का होता है. यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है, लाल आलू का इस्तेमाल सूप और सलाद बनाने के लिए कर सकते हैं, इसके अलावा, इन्हें भूनकर या उबाल कर भी खा सकते हैं

3. सफेद आलू :- यह आलू दिखने में सफेद रंग का होता है, खाने में इसका स्वाद लाजवाब होता है, इसे उबालकर या रोस्ट करके भी खा सकते हैं.

4. पीले आलू :- नाम के अनुसार ही इस आलू का रंग पीला होता है, खासकर, मांसाहारी व्यंजनों में पीले आलू का इस्तेमाल ज्यादा होता है, यह उन भोजनो के लिए खास है, जिन्हें ग्रिल या रोस्ट किया जाता है.

5. बैंगनी आलू :-  यह एक ख़ास प्रकार की आलू होती है, जो बैंगनी रंग का होता है, आलू का यह प्रकार ग्रिलिंग, बेकिंग और रोस्टिंग के लिए अच्छा माना जाता है.

आलू के फायदे (Potato Benefits)

आलू की गिनती एक स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ में होती है, आलू न सिर्फ पेट भरने का काम कर सकता है, बल्कि इसमें उपस्थित औषधीय गुण शारीरिक तकलीफों को भी दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं, आलू पर हुए शोध के अनुसार से जानकारी मिलती है, कि आलू ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के साथ-साथ शरीर में तरल पदार्थ को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसके अलावा, आलू त्वचा, बाल और आंखों के लिए भी लाभकारी होता है.

सेहत के लिए आलू के फायदे (Health and Nutrition Benefits of Potatoes)

आलू का सेवन सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है, हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आलू किसी भी प्रकार से किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है, इसका सेवन केवल उन बीमारियों लक्षणों को कुछ कम करने में मददगार हो सकता है.

1.  हृदय स्वास्थ्य के लिए

हृदय स्वास्थ्य के लिए आलू फायदेमंद हो सकता है, एक रिसर्च में इस बात को माना गया है की, शरीर में बढ़ते कोलेस्ट्रॉल का स्तर हृदय को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है वहीं, आलू कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है, आलू विटामिन-बी और सी के अलावा ल्यूटिन व जेक्सैन्थिन जैसे कैरोटेनॉयड्स से भी परिपूर्ण होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं.

2.  रक्तचाप के लिए

रक्तचाप को सामान्य रखने के लिए भी आलू के रस के फायदे देखे जा सकते हैं, हम आपको बता दें कि, आलू पोटेशियम से भरपूर होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने का काम करता है. साथ ही, आलू का सेवन तनाव के कारण होने वाले हाई ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने का काम करता है. पोटेशियम के अवाला, आलू फाइबर से भी भरपूर होता है. फाइबर रक्तचाप से पीड़ित मरीजों में हाइपरटेंशन के दुष्प्रभाव को भी कम करने में सहायक माना जाता है.

3. हड्डी स्वास्थ्य

आलू में हड्डियों को मजबूत बनाने वाला जरूरी पोषक तत्व कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, हड्डियों के विकास और उनको मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है. कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या भी हो सकती है, जिसके कारण हड्डियां कमजोर और नाजुक होने लगती है, ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हड्डियों का विकास भी रुक सकता है, और हड्डियों के फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है. जिससे मनुस्य शारीरिक रूप से कमजोर होने लगता है, वजन कम होना भी ऑस्टियोपोरोसिस जैसे रोग के पीछे की अहम् भूमिका हो सकती है. इन सब के अलावा, आलू में मौजूद मैग्नीशियम की मात्रा हड्डियों के विकास में मदद कर सकता है.

4.  कैंसर

जैसा कि हमने बताया कि आलू कोलेस्ट्रॉल मुक्त होता है, और कोलेस्ट्रॉल शरीर में कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है, इसके अलावा, आलू में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, विटामिन-C का उपयोग कैंसर थेरेपी (कैंसर इलाज) के लिए किया जाता है. आलू में फ्लेवोनोइड्स एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-ए पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, हमारे शरीर को कई प्रकार के कैंसर से बचाता है, साथ ही आलू में क्वेरसेटिन नामक एक कंपाउंड उपस्थित होता है, जो एंटी कैंसर और एंटी ट्यूमर गुण प्रदर्शित करता है, ऐसे में कहा जा सकता है, कि कैंसर के इलाज में आलू का उपयोग कुछ हद तक लाभदायक हो सकता है.

5.  पाचन

आलू के गुण पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और स्वस्थ रखने का कार्य करता है, जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है कि, आलू में फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाता है, जो पेट से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याओं पर प्रभावी रूप से काम करता है. यह पाचन को बढ़ावा देता है, और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने से और राहत दिलाने का कार्य करता है. साथ ही आलू में मौजूद कार्बोहाइड्रेट भी भोजन को पचाने में मददगार माना जाता है, इसके अलावा, आलू विटामिन-B समूह के नियासिन (विटामिन बी-3) तत्व से भी भरपूर होता है. नियासिन पाचन तंत्र को मजबूत करने का काम करता है, और आलू एक स्टार्च युक्त कार्बोहाइड्रेट है, आलू हमारे पेट में आसानी से पच जाता है, और इससे हमें तुरंत एनर्जी मिल सकती है.

6.  किडनी स्टोन ( पथरी )

किडनी स्टोन (पथरी) को बाहर निकालने में भी आलू के काई फायदे हो सकते है, आलू पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत माना जाता है आलू में उपस्थित पोटेशियम की मदद से पथरी को ठीक किया जा सकता है, इसके अलावा, आलू में पाये जाने वाले फाइबर भी किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद करता है, और महिलाओं में मेनोपॉज के बाद फाइबर का सेवन किडनी स्टोन (पथरी) के विरुद्ध सुरक्षात्मक भूमिका निभाता है.

7.    रोग प्रतिरोधक क्षमता

आलू खाने से हमारे शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता भी मजबूत बनती है, जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है, कि आलू विटामिन-C से भरपूर होता है वहीं, विटामिन-सी को एक कारगर इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी जाना जाता है, साथ ही आलू एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को संचालित करने में हमारी सहायता करता है, इसके अलावा, आलू फाइबर से परिपूर्ण होता है. जो की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है.

आलू के पौष्टिक तत्व (Nutrition Benefits of Potatoes)

आलू में कुछ खास पोषक तत्व पाये जाते हैं. आज हम इस लेख के माध्यम से आलू में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्वों और उनकी मात्रा के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं.

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी79.2 ग्राम
ऊर्जा77 किलो कैलोरी
प्रोटीन2.05 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट17.5 ग्राम
कुल लिपिड (वसा)0.09 ग्राम
फाइबर, कुल डाइटरी2.1 ग्राम
शुगर, कुल0.82 ग्राम
स्टार्च15.3 ग्राम
कैल्शियम12 मिलीग्राम
आयरन0.81 मिलीग्राम
मैग्नीशियम23 मिलीग्राम
फास्फोरस57 मिलीग्राम
पोटेशियम425 मिलीग्राम
सोडियम6 मिलीग्राम
जिंक0.3 मिलीग्राम
कॉपर0.11 मिलीग्राम
मैंगनीज0.153 मिलीग्राम
सेलेनियम0.4 माइक्रोग्राम
विटामिन सी19.7 मिलीग्राम
थियामिन0.081 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.032 मिलीग्राम
नियासिन1.06 मिलीग्राम
पैंटोथैनिक एसिड0.295 मिलीग्राम
विटामिन बी-60.298 मिलीग्राम
फोलेट, डीएफई15 माइक्रोग्राम
कोलीन12.1 मिलीग्राम
बीटेन0.2 मिलीग्राम
विटामिन ए IU2IU
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल)0.01 मिलीग्राम
विटामिन-के (फिलोक्विनोन)2.0 माइक्रोग्राम
फैटी एसिड, कुल सैचुरेटेड0.025 ग्राम
फैटी एसिड, कुल मोनोअनसैचुरेटेड0.002 ग्राम
फैटी एसिड, कुल पॉलीअनसैचुरेटेड0.042 ग्राम

आलू के नुकसान (Side Effects Of Potato)

आलू खाने के फायदे के साथ साथ नुकसान भी होते है. नीचे हम क्रमानुसार आलू खाने के नुकसान के बारे में विस्तार बताने जा रहे हैं.

  • आलू में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जबकि कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा हमारे शरीर में कैलोरी बढ़ा सकती है, जिससे मोटापे जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है.
  • यदि आलू अंकुरित हो गयी है, तो उसका सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए.
  • आलू में पोटेशियम भी भरपुर मात्रा में पाया है, जिससे अधिक पोटेशियम के सेवन के कारण हाइपरकलेमिया (शरीर में उच्च पोटेशियम) का कारण बन सकता है. इससे छाती में दर्द, सांस लेने में समस्या, चक्कर और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  • आलू का अत्यधिक सेवन से डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है, आलू एक हाई ग्लिसेमिक खाद्य पदार्थ होता है, आलू का पाचन जल्दी होता है, और ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा अधिक होता है. इसलिए मधुमेह के मरीजों को आलू का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.
  • आलू का अत्यधिक सेवन करने से डायरिया होने का भी खतरा बना रहता है.

रोचक तथ्य

Most Popular

More from Author

संविधान में लिखे ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द का मतलब क्या है? और ये कब जोड़े गए?

जब भी भारतीय संविधान की बात होती है, तो एक लाइन ज़रूर दोहराई जाती है —“We, the people of India, having solemnly resolved to constitute India into a Sovereign, Socialist, Secular, Democratic Republic...” लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें लिखा ‘समाजवादी’ (Socialist) और ‘धर्मनिरपेक्ष’ (Secular) शब्द शुरू...

भारत में कितनी तरह की होती हैं देव यात्राएं? जानिए जगन्नाथ यात्रा से पंढरपुर वारी तक की कहानियां

ओडिशा की जगन्नाथ यात्रा से लेकर महाराष्ट्र की पंढरपुर वारी यात्रा तक, भारत में देव यात्राओं का इतिहास जितना पुराना है, उतनी ही दिलचस्प है इनकी कहानी।देव यात्राएं सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों और भगवान के बीच का एक भावनात्मक मिलन होती हैं।इनमें कभी भगवान खुद रथ...

क्यों होता है जरुरी ECG, ECHO और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट? हार्ट के लिए क्यों हैं जरूरी?

आजकल हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याएं कम उम्र में भी देखने को मिल रही हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि हमारे दिल की सेहत कैसी है। डॉक्टर अक्सर कुछ टेस्ट्स कराने को कहते हैं – जैसे ECG, ECHO और लिपिड...

कहां-कितनी बारिश हुई? जानिए IMD बारिश कैसे मापता है

मानसून आते ही हर किसी के मन में एक ही सवाल होता है – कहां कितनी बारिश हुई?न्यूज़ चैनल, मौसम ऐप और अखबार हर रोज़ बताते हैं कि इस शहर में 15 mm बारिश हुई, कहीं और 80 mm। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये...

जुलाई से दिसंबर 2025 तक रिलीज़ होने वाली दमदार हिंदी वेब सीरीज़ की पूरी लिस्ट

अगर आप भी ओटीटी पर कुछ नया, मजेदार और दमदार देखने की सोच रहे हैं,तो 2025 का दूसरा आधा साल यानी जुलाई से दिसंबर तक आपको भरपूर एंटरटेनमेंट देने वाला है। Amazon Prime Video, Netflix, Hotstar, JioCinema और Sony LIV जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई धमाकेदार हिंदी...

डॉक्टर क्यों पहनते हैं सफेद कोट? जानें इसके पीछे का दिलचस्प लॉजिक

जब भी हम डॉक्टर के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में एक ही तस्वीर आती है — सफेद कोट पहने हुए डॉक्टर जो स्टेथोस्कोप लिए गंभीरता से किसी मरीज को देख रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि डॉक्टर हमेशा सफेद कोट ही क्यों...

शुरू होने वाला है सावन: जानिए भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए

सावन का महीना आते ही चारों ओर हरियाली, ठंडी हवा और भक्ति का माहौल बन जाता है। मंदिरों में ‘बम-बम भोले’ की गूंज और श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बनता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन के इस पवित्र महीने में कुछ खास उपाय करके...

मानसून में स्किन एलर्जी क्यों बढ़ती है? जानिए वो आम ग़लतियां जो लोग रोज़ करते हैं

बारिश का मौसम आते ही मौसम तो सुहाना हो जाता है, लेकिन साथ ही साथ स्किन एलर्जी की भी शुरुआत हो जाती है। कहीं खुजली, कहीं रैशेज़, तो कहीं फंगल इन्फेक्शन। और हैरानी की बात ये है कि ज़्यादातर बार हम खुद ही अपनी स्किन के दुश्मन...

बारिश के मौसम में बच्चों में टाइफाइड क्यों होता है?

जैसे ही बारिश आती है, मम्मियों की चिंता भी शुरू हो जाती है – “कहीं बच्चे को बुखार न आ जाए।” और सबसे ज़्यादा डर लगता है टाइफाइड का नाम सुनकर। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बारिश के मौसम में ही टाइफाइड क्यों ज्यादा फैलता...

980+ जनरल नॉलेज प्रश्न उत्तर | सामान्य ज्ञान | GK Questions in Hindi | General Knowledge

980+ General Knowledge Question and Answer in Hindi - सामान्य ज्ञान कई विषयों पर आधारित होता है, जैसे इतिहास, भूगोल, राजनीति, विज्ञान, साहित्य, कला, संस्कृति, सामाजिक मुद्दे आदि। नीचे कुछ महत्वपूर्ण ज्ञान क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी गई है: भारतीय इतिहास: भारत के इतिहास का अध्ययन भारतीय...

Hair care: मैं अपने बालों को प्राकृतिक रूप से तेजी से और घना कैसे बना सकता हूँ?

बालों को लंबा करने या घने बालों की इच्छा सबके मन में महसूस होती है। जबकि बाल मानव शरीर में सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऊतक हैं, ट्राइकोलॉजिकल सोसायटी के अनुसार, विकास की औसत दर 0.5 से 1.7 सेंटीमीटर प्रति माह या कहीं भी लगभग दो से...

Ram Mandir Ayodhya : – जानिए राम मंदिर के बनने में किस-किस का अमूल्य योगदान रहा है

Ram Mandir Ayodhya : - "राम मंदिर" का निर्माण भारत के अयोध्या नगर में होने वाला है, और इसमें कई लोगों का योगदान हो रहा है। यह एक धार्मिक और सामाजिक मुद्दा है, और इसमें कई लोगों की भागीदारी है। कुछ मुख्य योगदान देने वाले व्यक्तियों और...