दुनिया भर में सबसे तेज फैलने वाला जानलेवा वायरस बन चुका है कोरोनावायरस, इसी कारण से दुनिया भर में कई देशों में पूरी तरह से लोग डाउन लगा दिया गया था, आप जब बीमारी इतनी बढ़ रही है, तो जाहिर सी बात है, कि लोगों के मन में इस बीमारी को लेकर सवाल डर का माहौल बना है, कोरोनावायरस क्या है, और यह कैसे फैलता है, किन लोगों को इस वायरस इनफेक्शन होने का रिस्क ज्यादा रहता है, इस बीमारी का कोई इलाज है, या नहीं इस तरह के सवाल अगर आपके मन में भी आ रहे हैं, तो आइए जानते हैं, सभी सवालों के जवाब.
कोरोनावायरस क्या है?
कोरोनावायरस का संबंध ऐसे वायरस से है जिसके संक्रमण से जुखाम सर दर्द सांस लेने की तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया था इस वायरस का संक्रमण चीन के वुहान शहर में शुरू हुआ था, कोरोनावायरस विषाणु के समूह का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, लेकिन इसमें सिर्फ 6 विषाणु ऐसे होते हैं, जो इंसानों को संक्रमित करते हैं, नोबेल कोरोनावायरस या वायरस पहली बार सामने आया है, जो इंसानों को संक्रमित करता है,WHO की टीम ने इस नए कोरोनावायरस को 2019-nCoV नाम दिया है.
कोरोनावायरस के क्या लक्षण होते हैं?
इस बीमारी के बारे में बात करें तो इसके लक्षण सामान्य सर्दी जुखाम या निमोनिया जैसी होती है, इस वायरस के संक्रमण होने के बाद बुखार जुखाम सांस लेने में तकलीफ नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं होने लगती हैं, यह वायरस किसी भी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है, इसीलिए इस वायरस को लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है, यह वायरस दिसंबर 2019 में सबसे पहले चीन में सामने आया था, और तब से यह बड़ी तेजी से दूसरे देशों में भी पहुंच रहा है.
कोरोनावायरस से निपटने के लिए क्या कोई वैक्सीन है?
अब तक तो ना कोई वैक्सीन है, और ना ही कोई जानलेवा कोरोनावायरस से सुरक्षा प्रदान करने का जरिया मिल पाया है, और अनुसंधान कर्ता इस बारे में रिसर्च कर रहे हैं, दवा निर्माता कंपनी भी इस बीमारी का इलाज खोजने और इससे बचने के लिए वैक्सीन बनाने में जुटी है, WHO भी कोरोनावायरस से पूरी तरह से सतर्क है, और इसका इलाज खोजने की कोशिश कर रही है,इस समय इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है एहतियात बरतना.
एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है क्या कोरोनावायरस
कोरोनावायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर में स्थित फूड मार्केट से हुई थी, और इस बात की आशंका है, कि व्यक्ति की जरिए यह वायरस जानवरों में भी फैल है, हालांकि अब नए केस जो सामने आ रहे हैं, उससे यही लग रहा है, कि कोरोनावायरस से दूसरे इंसान में छूने से फैल रहा है, आसान शब्दों में कहा जाए तो अगर किसी एक व्यक्ति को कोरोनावायरस इंफेक्शन है, तो दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से वह इंफेक्शन हो जाएगा.
मास्क पहनने से कोरोनावायरस के इंफेक्शन को रोका जा सकता है?
कोरोनावायरस से इतना ज्यादा और इतनी तेजी से फैल रहा है कि हर कोई इससे बचने का तरीका ढूंढने में लगा हुआ है और इसी कारण आधी जनता सर्जिकल मास्क पहनकर सड़कों पर घूम रही है, सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंज प्रिवेंशन CDC की मानें तो मास्क पहनने से इंफेक्शन फैलने का रिस्क कम हो जाता है, सर्जिकल मास्क का उपयोग करके आप इंफेक्शन का रिस्क कम कर सकते हैं, लेकिन इससे बचाव नहीं कर पाएंगे, यदि आप शहरों में ट्रेवल कर रहे हैं, तो वहां कोरोनावायरस का रिस्क ज्यादा रहता है, तो ऐसे में आप संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखें.
कैसे लोगों को यह बीमारी होने का रिस्क सबसे ज्यादा रहता है
वैज्ञानिक अभी तक इस बात की खोज करने में लगे हैं, कि कोरोनावायरस लोगों में कैसे फैल रहा है, बुजुर्गों में मौत के आंकड़े सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें पहले से ही किसी तरह की बीमारि है, या फिर ऐसे लोग जो लंबे समय से बीमार है, इनमें भी बीमारियां होने वाला खतरा अधिक बढ़ रहा है, या फिर वैसे लोग जो लंबे समय से बीमार हैं, उनमें भी इस बीमारी या इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है.

