दिसंबर माह में खरमास लगने के साथ ही मांगलिक कार्य से लेकर हर तरह के शुभ कार्यों पर प्रतिबंध किया जाता है, आइए जानते हैं खरमास कब लग रहा है, और इसमें क्या करना चाहिए या फिर क्या नहीं करना चाहिए.
खरमास को एक दूसरे नाम मलमास से भी जाना जाता है, खरमास पूरे एक माह का होता है, और जब इस महीने की शुरुआत होती है, तो इसमें मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है, दिसंबर महीने में खरमास धनु संक्रांति के साथ शुरू होता है, जो फिर मकर संक्रांति को समाप्त होता है, हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व माना जाता है, पूरे 2 दिन चलने वाले इस मास में क्या करना चाहिए क्या नहीं आइए जानते हैं.
ज्योतिषी की गणना के अनुसार 1 साल में 12 क्रांतियां होती है, जब सूर्य अपनी जगह से हटकर किसी राशि में प्रवेश करता है, तो वह क्रांति कहलाती है, 12 संक्रांति में धनु और मीन संक्रांति में ही खरमास लगता है, खरमास में किसी भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए जैसे, मुंडन, छेदन, गृह प्रवेश, विवाह होता है, 1 साल में दो बार खरमास पड़ता है, पहला खरमास मीन संक्रांति पर पड़ता है, और दूसरा धनु संक्रांति पर इस साल धनु संक्रांति 16 दिसंबर 2022 को पड़ रही है, और इसकी समाप्ति 14 जनवरी 2023 को होगी.
खरमास के इस महीने में धार्मिक महत्व माना जाता है, और साथ में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, तो चलिए इस खरमास से जुड़ी बातें जानते हैं.
खरमास क्या है?
जब सूर्य देवगुरु बृहस्पति की राशि मकर और मीन में रहता है,तो उस समय को खरमास माना जाता है, वर्तमान में सूर्य वृश्चिक राशि में है, और ये ग्रह 16 दिसंबर, शुक्रवार को जैसे ही धनु राशि में प्रवेश करेगा, उसी समय खरमास शुरू हो जाएगा,ज्योतिष तत्व विवेक नाम के ग्रंथ में कहा गया है,जब सूर्य की राशि में गुरु हो और गुरु की राशि में सूर्य रहता हो तो उस कॉल को काल को गुर्वादित्य कहा जाता है.
भारतीय पंचाग के अनुसार जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है, तो यह समय शुभ नहीं माना जाता इसी कारण जब तक सूर्य मकर राशि में संक्रमित नहीं होते तब तक किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किया जाता, पंचाग के अनुसार यह समय सौर पौष मास का होता है, जिसे खर मास कहा जाता है, खरमास को मलमास भी कहा जाता है,मान्यता है कि मलमास के समय जिस व्यक्ति की मृत्यु होती है वह व्यक्ति नरक जाता है.
इस महीने में दान का विशेष महत्व माना जाता है
खरमास के समय दान-पुण्य और जरूरतमंदों को भोजन, अनाज, कपड़े आदि दान में देना चाहिए, इस मास में श्राद्ध और मंत्र जाप का भी विधान माना जाता है, इससे परेशानियां कम होने लगती है, और देवी देवताओं की कृपा आप पर बनी रहती है.
खरमास में शुभ फल के लिए यह उपाय करे
खरमास के समय दान पुण्य और भगवान की पूजा करनी चाहिए, इस महीने में तीर्थों, घरों व मंदिरों में जगह-जगह भगवान की कथा करना और सुनना होता है, खरमास में जमीन पर सोना, सुबह जल्दी उठकर नदी में स्नान करना आदि नियमों का पालन करना होगा.
खरमास कब से शुरू हो रहा है
खरमास 16 दिसंबर 2022 से शुरू हो जाएगा, जो पूरे एक माह होते हुए नए साल 2023 में 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा, 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश हो रहे हैं, तो खरमास आरंभ हो जाएगा और 14 जनवरी के दिन मकर राशि से सूर्य के प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा.
खरमास में यह काम ना करें भूलकर भी
खरमास के महीने में मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए
खरमास में तांबे के बर्तन में रखे हुए भोजन या पानी पीना वर्जित है क्योंकि इससे आपकी सेहत खराब हो सकती है
खरमास में मांगलिक कार्य ना करें जैसे मुंडन, छेदन, गृह प्रवेश, शादी विवाह आदि.
खरमास के दौरान कोई नई चीज जैसे वाहन, घर, प्लाट, आभूषण आदि बिल्कुल नहीं खरीदना होता है, इससे बुरा असर पड़ता है.

