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मधुमक्खी पालन एवं शहद बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें

मधुमक्खी पालन का व्यवसाय कृषि के साथ-साथ होने वाला व्यापार होता है, इस व्यवसाय की सहायता से आप अच्छा लाभ कमा सकते हैं, अगर आप चाहे तो इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सरकार से आर्थिक मदद भी प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यापार के लिए आपको मधुमक्खी पालन सम्बंधित सारी जानकारी प्राप्त करनी होगी.

मधुमक्खी पालन से काफी मुनाफ़ा मिल सकता है, फार्म के एक मधुमक्खी के डिब्बे से आपको एक वर्ष में 50 किलोग्राम शहद और 2 से 3 डिब्बे मधुमक्खियाँ प्राप्त हो जाती है, आप नई मधुमक्खियों के द्वारा अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं.

मधुमक्खी पालन एवं शहद बनाने का व्यापार कैसे करें.

  • मधुमक्खियों की संख्या कितनी होनी चाहिए.
  • मधुमक्खियों की आयु कितनी होनी चाहिए.
  • शहद व्यवसाय के प्रकार
  • मधुमक्खी पालन
  • शहद प्लांट प्रोसेसिंग
  • प्लांट की लागत
  • शहद बनाने की प्रक्रिया
  • पैकेजिंग
  • मार्केटिंग
  • लाइसेंस
  • व्यापार की लागत
  • हनी बिज़नेस से लाभ
  • मधुमक्खी पालन के लिए विशेष ध्यान रखने वाली बातें
  • मधुमक्खी पालन का समय
  • सरकार से प्राप्त आर्थिक मदद
  • व्यापार आरम्भ करने के लिए आवश्यक वेबसाइट

मधुमक्खियों की संख्या कितनी होनी चाहिए

इसमें एक डिब्बे में तीन प्रकार की मधुमक्खियां रखी जाती हैं, इन तीन प्रकार की मधुमक्खियों में रानी मधुमक्खी, नर मधुमक्खी और श्रमिक मधुमक्खी शामिल होती हैं. और एक डिब्बे में श्रमिक मधुमक्खी की संख्या लगभग 30,000 से 1 लाख तक होती है, और इसमें नर मधुमक्खी की संख्या 100 के आस पास की होती है, इसमें रानी मधुमक्खी की संख्या बस एक होती है.

मधुमक्खियों की आयु कितनी होनी चाहिए.

विभिन्न श्रेणी के मधुमक्खियों की आयु अलग-अलग होती है, रानी मधुमक्खी की आयु 1 वर्ष की, नर मधुमक्खी की आयु 6 महीने और श्रमिक मधुमक्खी की आयु लगभग डेढ़ महीने तक की होती है.

शहद व्यवसाय के प्रकार 

मधुमक्खी पालन दो तरीकों से किया जा सकता है, आप मधुमक्खी फार्मिंग और हनी प्रोसेसिंग प्लांट दोनों की मदद से मधुमक्खी पालन कर सकते हैं.

मधुमक्खी पालन

मधुमक्खी पालन एक बहुत ही अच्छी प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है, आपको इस कार्य के लिए अपने फार्म में बीकीपर्स को रख सकते हैं, यह लोग अच्छी तरह से मधुमक्खी पालन में निपुण होते हैं.

आपको उस स्थान पर मधुमक्खी पालन करने की जरूरत है, जिस जगह पर नमी हो, उस स्थान पर साफ और प्राकृतिक पानी की आवश्यकता होनी चाहिए और यदि अधिक संख्या में पेड़ पौधे हो तो काफी बेहतर है, आपको मधुमक्खी पालन के लिए साफ सुथरे और फैले स्थान की आवश्यकता होती है, ताकि मधुमक्खी अपनी अधिक संख्या में छत्ता पर बना सके.

एक डिब्बे में लगभग 10 फ्रेम मधुमक्खी रखी जा सकती हैं, लेकिन आम तौर पर 8 फ्रेम मधुमक्खी रखना ही बेहतर होता है, और इसमें इनकी देखभाल भी आसानी से हो पाती है.

शहद प्लांट प्रोसेसिंग

इस प्लांट को बैठाने के एक विशेष मशीन आवश्यकता होती है, इस मशीन की सहायता से हनी प्लांट बैठाया जाता है.

इस मशीन की सहायता से शहद को बनाने से लेकर पैकेजिग करने तक के काम को आसानी से किया जाता है

प्लांट की लागत

इस प्लांट की कुल लागत लगभग 20 लाख तक की होती है, एवं इस प्लांट की सहायता से अधिकतम 100 किलो तक शहद तैयार कर सकते हैं.

शहद बनाने की प्रक्रिया

पहले तो मधुकोष से मधुमक्खी के छत्ते को अलग करना होता है, और मधुकोश को हटाने की कुछ विशेष प्रक्रियाएं होती है, जिसे बीकीपर्स जानते हैं.
इसके बाद मशीन को चलाने पर एक्सट्रैक्टर के द्वारा मधु निकलने लगता है, और आपको एक्सट्रेक्टर के निचले हिस्से से मधु प्राप्त हो जाता है. किसी भी प्लांट में बनाए गए शहद को लगभाग 49 डिग्री सेंटीग्रेड तक गर्म करना पड़ता है, ताकि इसके अन्दर के क्रिश्टल हिस्से भी अच्छे से गल जाएँ और इसके बाद इसे इसी तापमान पर लगभग 24 घंटे तक रखा जाता है.

पैकेजिंग

मधु की पैकेजिंग करना इस व्यवसाय का एक आवश्यक कार्य होता है, बाजार में अकसर कई शहद के ब्रांड विभिन्न पैकेट्स की सहायता से बेचे जा रहे हैं, आपको पैकिंग के समय शहद की मात्रा और बोतल के डिजाईन का खास ध्यान देना होता है, आप को विभिन्न डिजाईन के डिब्बे बाजार में होलसेल के रूप में मिल जाते हैं.

मार्केटिंग

आपको अपने मधु का व्यवसाय बढ़ाने के लिए मार्केटिंग करने की बहुत जरूरत होती है, इसके बाद आप अपने बनाए गये मधु को होलसेल के तौर पर आसानी से कहीं भी बेच सकते हैं, अगर आपकी क्वालिटी बेहतर हो, तो कम समय में ही आप आसानी से शहद के मार्केट में अपना नाम बना सकते हैं, आप चाहे तो मार्केटिंग के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर अपने ब्रांड के पोस्टर्स आदि लगवा सकते हैं.

लाइसेंस

इस व्यवसाय के लिए आपको लाइसेंस की जरूरत भी होती है, आपको सबसे पहले अपने प्लांट का पंजीकरण उद्योग आधार के अंतर्गत कराना होता है, इसके उपरान्त आपको अपने फर्म के नाम का एक करंट बैंक अकाउंट और पैन कार्ड बनवाना पड़ता है, आपके द्वारा बनाए गये मधु की जांच सरकारी खाद्य विभाग में करा कर FSSAI से लाइसेंस दिया जाएगा, आपको अपने व्यवसाय के लिए ट्रेड लाइसेंस की भी जरूरत होती है, तात्कालिक समय में टैक्स के लिए आपको अपने फर्म का पंजीकरण जीएसटी अंतर्गत भी करना होगा. इस तरह से अन्य व्यवसाय की तरह इस व्यवसाय में भी आपको विभिन्न आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है.

व्यापार की लागत

यह बिज़नेस व्यवसाय छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है, आप चाहें तो केवल 10 पेटी की मदद से मधुमक्खी पालन का बिज़नेस कर सकते हैं, 10 पेटी की सहायता से मधुमक्खी पालन व्यवसाय में आपका कुल खर्च 35,000 से 40,000 तक होता है, यह व्यवसाय प्रति वर्ष मधुमक्खियों की संख्या के बढ़ने के साथ 3 गुना अधिक कर देता है.

हनी बिज़नेस से लाभ

इस व्यवसाय से आप बहुत लाभ कमा सकते हैं, एक डिब्बे मधुमक्खी से प्राप्त होने वाले 50 किलो शहद को अक्सर 100 रु. प्रति किलो के हिसाब से बेचा सकते हैं, अतः प्रत्येक डिब्बे से आपको रू 5,000 मिलता है,आपको बड़े पैमाने पर इस व्यवसाय को करने से प्रति महीने 15 हज़ार रूपए से 1 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं.

मधुमक्खी पालन के लिए विशेष ध्यान रखने वाली बातें

कुछ बातों में ध्यान रखना विशेष रूप से जरूरी होता है, जैसे कि आमतौर पर मधुमक्खी को किसी भी प्रकार का रोग ना हो, किंतु कभी-कभी इन पाली गई मधुमक्खियों में माइल नामक बीमारी हो जाती है, हालांकि आप इसका आसानी से उपचार भी कर सकते हैं, आप यदि प्रत्येक मधुमक्खी पालन डिब्बे में दो कलि लहसुन डाल दें, तो यह रोग नहीं होता है.

मधुमक्खी पालन का समय

मधुमक्खी पालने का समय आमतौर पर नवंबर महीने में शुरू होता है, और इस माह से पहले ही आपको मधुमक्खी पालन की सभी व्यवस्था कर लेनी चाहिए.

सरकार से प्राप्त आर्थिक मदद

इस व्यवसास के लिए भारत सरकार का एमएसएमई विभाग आपकी मदद करते हैं, इस मंत्रालय के खादी एंड विलेज इंडस्ट्री कमीशन के तहत कई योजनाओं को चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत मधुमक्खी पालन व्यवसाय को भी प्रोत्साहित करते हैं.

इस व्यवसाय को सरकार हनी प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना में भी सहायता करती है,इस प्लांट की स्थापना के लिए कुल लागत का 65% हिस्सा ऋण के तौर पर प्रदान करती है.

इस ऋण के अलावा सरकार की तरफ़ से 25% की सब्सिडीभी मिलती है, इस तरह से आपको कुल लागत का केवल 10% अपने पास से लगाना होता है.

यदि कुल लागत लगभग 25 लाख तक की होती है, तो आपको 16 लाख रूपए ऋण के तौर पर प्राप्त हो जाता है, और मार्जिन राशि के रूप में आपको कुल 6 लाख रूपए मिल जाएगा, और इस तरह से व्यक्ति को व्यवसाय में अपने दो लाख ही लगाने होते हैं.

व्यापार आरम्भ करने के लिए आवश्यक वेबसाइट

सरकार ने इस व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई वेबसाइट बनाई है,  

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