आज हम आपको Vyakaran Kise Kahate Hain – व्याकरण किसे कहते हैं? के बारे में बताने जा रहे हैं. कृपया पूर्ण जानकारी के लिए इस ब्लॉग को अवश्य पढ़ें. और अन्य जानकारी के लिए नव जगत के साथ बने रहे.
वह शास्त्र जिससे हम किसी भाषा को लिखना, बोलना तथा पढ़ना सीखते हैं,उस शास्त्र को व्याकरण कहा जाता है,
जब हम किसी भाषा को सीखने का प्रयास करते हैं, उस समय उस भाषा का हमें सही ज्ञान नहीं होता है, कि उस भाषा का कैसे और कहां प्रयोग किया जाए,और साथ ही उस भाषा का कैसे उच्चारण करना है या फिर कैसे उस भाषा को बोलना है, इन सभी चीजों को समझने के लिए जिस शास्त्र का प्रयोग किया जाता है, या जिस माध्यम से हम इन नियमों को समझा जाता है उसे व्याकरण कहते हैं.
हम आपको बता दें कि व्याकरण के तीन अंग होते हैं, जिनके नाम नीचे निम्न रूप में दिए गए हैं, और साथ ही उनके बारे में विस्तार से बताया गया है, जो इस प्रकार है:-
व्याकरण के मुख्य रूप से चार भेद होते हैं (vyakaran ke mukhya roop se char prakar hote hai)
- वर्ण
- शब्द
- पद
- वाक्य
1.वर्ण
वर्ण हिंदी भाषा का महत्वपूर्ण अंग है हिंदी भाषा में कुल 52 वर्णों की वर्णमाला होती है जो भाषा का मुख्य आधार है भाषा की बेसिक सीखने की शुरुआत वर्ण से ही होती है.
2.शब्द
एक या अधिक वर्ण मिलकर शब्द की रचना होती है जैसे – कुत्ता ,शेर कमल ,नयन जिसमें एक से ज्यादा बड़ों का प्रयोग हुआ है, शब्द विमुख दो प्रकार के होते हैं.
- विकारी शब्द
- अविकारी शब्द
विकारी शब्द–
विकारी शब्द वाह शब्द है, जिसका उपयोग करने से वक्त के अर्थ में थोड़ा सा बदलाव आ जाता है.
जैसे कि वह बकरी सुंदर है, इसमें सुंदर विकार शब्द है, जिसमें वाक्य में बदलाव हुआ है.
विकारी शब्द चार प्रकार के होते हैं
- संज्ञा
- सर्वनाम
- विशेषण
- क्रिया
1. संज्ञा –
किसी भी व्यक्ति ,वस्तु ,स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं .
उदाहरण – अयोध्या यह एक स्थान है
2. सर्वनाम –
संज्ञा की विशेषता बताने वाले को सर्वनाम कहते हैं, दूसरे शब्दों में हम कहे तो संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं .
जैसे – हम, तुम, मैं आदि
3. विशेषण –
वह शब्द संज्ञा और सर्वनाम की विशेषता, गुड ,संख्या ,मात्रा या परिणाम बताते हैं, उसे विशेषण कहते हैं.
जैसे – भारी, सुन्दर, आदि.
4. क्रिया –
जिन शब्दों से किसी कार्य का होने या करने का बोध होता है उसे क्रिया कहते हैं.
जैसे – रोया, जाएगा.
अविकारी शब्द-
अविकारी शब्द ऐसे होते हैं जिसके उपयोग से वाक्य के रूप नहीं बदलते हैं.
जैसे- नहीं, लेकिन, जल्दी आदि.
अविकारी के चार भेद होते हैं
1. क्रिया विशेषण –
ऐसे अधिकार शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया विशेषण कहलाते हैं.
जैसे – सचमुच, ठीक, अवश्य, कदाचित आदि.
2. संबंधबोधक –
जिस शब्द से संज्ञा या सर्वनामशब्द का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से जुड़ता है वह संबंधबोधक कहलाता है.
जैसे- बिना, पूर्वक, और, वास्ते, तुल्य, समान, सरीखा, तक, सहित, लिए आदि.
3. समुच्चयबोधक –
समूह का परिचय कराने वाले अव्यय पद को समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं.
जैसे- तब, और, वरना, किंतु, परंतु, इसलिए, बल्कि, ताकि, क्योंकि, या, अथवा, एवं, तथा, अन्यथा, आदि.
4. विस्मयादिबोधक –
आश्चर्य /अचरज आदि का परिचय कराने वाले अव्यय को विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं.
जैसे- आश्चर्य, शोक, घृणा, हर्ष आदि.
3. पद
किसी सार्थक शब्द वाक्य में प्रयुक्त होना ही ‘पद’ कहलाता है. पर जब इसका प्रयोग वाक्य में होता है, तो इसका रूप भी बदल जाता है, इसलिए वाक्य में प्रयुक्त होने पर शब्द को ‘पद’ कहा जाता है.
पद के चार भेद होते हैं
- संज्ञा
- सर्वनाम
- क्रिया
- विशेषण और अव्यय
4.वाक्य
दो या दो से अधिक पदों के सार्थक समूह को ही वाक्य कहते हैं. सामान्यतः एक वाक्य कर्ता कर्म और कार्य से मिलकर बना होता है. लल्ले खाना खा रहा है. इसमें लल्ले, खाना, खा, रहा, है, यह सब मिलकर एक वाक्य की रचना हुई है.
वाक्य के मुख्य तीन भेद होते हैं
- साधारण वाक्य
- संयुक्त वाक्य
- मिश्रित वाक्य
1. साधारण वाक्य – जिस वाक्य में एक संज्ञा उद्देश्य तथा एक क्रिया विधेय होता है, वह वाक्य साधारण वाक्य कहलाता है.
उदाहरण –
- संजय किताब पढता है.
- श्याम और राम किताब पढ़ते हैं.
2. संयुक्त वाक्य – ऐसे वाक्य जिनमें दो या दो से अधिक उपवाक्य शामिल होते हैं, एवं सभी उपवाक्य प्रधान होते हैं, वह वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाता है.
जैसे – और, एवं, फिर, या, अथवा, परंतु, इसलिए, तथा, तो, नहीं तो, भी, किंतु आदि.
उदाहरण-
- श्याम सुबह मेरे घर आया और शाम को वापस लौट गया.
- रात समाप्त हुई और उजाला होने लगा.
- राम ने बहुत मेहनत की लेकिन परीक्षा में पास नहीं हुआ.
- राजू बहुत तेज दौड़ा फिर भी बस को नहीं पकड़ पाया.
3. मिश्रित वाक्य – जिस वाक्य में एक से अधिक वाक्य मिले होते हैं, और उसमें एक प्रधान उपवाक्य तथा शेष आश्रित उपवाक्य होते हैं, उसे मिश्रित वाक्य कहां जाता है.
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जिस वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अतिरिक्त एक या एक से अधिक समापिका क्रियाएँ हों, उसे ‘मिश्रित वाक्य’ कहते हैं.
जैसे – आपस में, कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, यद्यपि, यदि, अगर, तो आदि.
उदाहरण-
- जो औरत बाहर लेटी है, वह मेरी दादी मां है.
- जो लड़की कमरे में लेटी है, वह मेरी बहन है.
- यदि आप मेहनत करोगे, तो परीक्षा में अवश्य पास हो जाओगे.
- मैं जानता हूं, कि तुम्हारी हैंडराइटिंग अच्छी नहीं है.
आशा करते हैं कि यह ब्लॉग आपको Vyakaran Kise Kahate Hain – व्याकरण किसे कहते हैं? की पूर्ण जानकारी प्रदान करने में समर्थ रहा. अन्य महत्वपूर्ण और रोचक जानकारी के लिए हमारे अन्य ब्लॉग को अवश्य पढ़ें.
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