अगर आप शेयर बाजार (Stock Market) में ट्रेडिंग करते हैं, खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में, तो 1 अप्रैल से आपकी लागत काफी बढ़ने वाली है। सरकार ने ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
इसका सीधा मतलब है कि अब हर ट्रेड पर आपको पहले के मुकाबले ज्यादा चार्ज (Brokerage Bill) देना होगा। यह फैसला बाजार में बेतहाशा बढ़ती सट्टेबाजी (Speculation) पर लगाम लगाने और रिटेल निवेशकों के जोखिम को कम करने के लिए लिया गया है।
फ्यूचर्स ट्रेडिंग (Futures Trading) पर 150% तक बढ़ा टैक्स
नए नियमों के मुताबिक, 1 अप्रैल से फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। यानी, अब आपको फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सीधे 150% ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। जब आप लाखों का ट्रेड करते हैं, तो यह छोटा सा प्रतिशत आपके मुनाफे को काफी हद तक कम कर सकता है।
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ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options Trading) के भी बदले नियम
ऑप्शंस के प्रीमियम पर भी अब आपकी जेब ज्यादा ढीली होगी।
- ऑप्शंस बेचने (Sale of an option) पर पहले 0.1% STT लगता था, जो अब 50% बढ़कर 0.15% हो गया है।
- अगर ऑप्शन को एक्सरसाइज (Exercise) किया जाता है, तो उस पर भी टैक्स 0.125% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
सरकार और SEBI ने क्यों लिया यह फैसला?
बीते कुछ समय में आम (रिटेल) निवेशकों का रुझान F&O ट्रेडिंग की तरफ बहुत तेजी से बढ़ा है और आंकड़े बताते हैं कि 10 में से 9 निवेशकों को इसमें नुकसान ही उठाना पड़ता है। इसलिए, ट्रेडिंग की लागत बढ़ाकर हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग को आर्थिक रूप से महंगा बनाया जा रहा है, ताकि लोग बिना सोचे-समझे ज्यादा ट्रेड न करें।
एक और झटका: शेयर बायबैक पर भी लगेगा ज्यादा टैक्स
ट्रेडिंग के अलावा 1 अप्रैल 2026 से एक और बड़ा नियम लागू हो रहा है। अब कंपनियों के ‘शेयर बायबैक’ (Share Buyback) से होने वाली कमाई पर कैपिटल गेन के रूप में टैक्स की गणना होगी और निवेशकों को सीधा 12% का फ्लैट सरचार्ज देना होगा। इससे छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए बायबैक के जरिए मुनाफा कमाना अब महंगा सौदा हो जाएगा।
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आपके लिए इसका क्या मतलब है? (FAQs)
क्या मुझे अपने डीमैट अकाउंट में कोई सेटिंग बदलनी होगी?
नहीं, आपको अपनी तरफ से कुछ नहीं करना है। 1 अप्रैल या उसके बाद किए गए आपके सभी F&O सौदों पर आपका ब्रोकर (जैसे Zerodha, Groww, Upstox आदि) अपने आप नए नियमों के हिसाब से STT काटना शुरू कर देगा।
क्या यह नियम साधारण डिलीवरी (Delivery) शेयर्स की खरीद-फरोख्त पर भी लागू है?
नहीं, यह बड़ा बदलाव मुख्य रूप से डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर लागू किया गया है।

