आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी कंपनी Anthropic ने हाल ही में ऐसे AI कॉन्सेप्ट्स पेश किए हैं, जिन्होंने वैश्विक टेक और सॉफ़्टवेयर इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा Computer Use नाम की experimental AI capability और Model Context Protocol (MCP) को लेकर हो रही है।
यह साफ करना ज़रूरी है कि ये दोनों चीज़ें पूरी तरह कमर्शियल टूल के रूप में लॉन्च नहीं हुई हैं, बल्कि इन्हें Anthropic ने research और early-stage framework के तौर पर प्रस्तुत किया है।
क्या है “Computer Use” capability?
Computer Use कोई आम यूज़र के लिए उपलब्ध सॉफ्टवेयर नहीं है।
यह एक experimental AI capability है, जिसमें AI मॉडल को यह दिखाया गया है कि वह:
- कंप्यूटर स्क्रीन को देख सकता है
- ग्राफिकल इंटरफेस (GUI) को समझ सकता है
- माउस क्लिक, स्क्रॉल और कीबोर्ड इनपुट जैसे एक्शन तय कर सकता है
सरल शब्दों में, Anthropic ने यह दिखाया है कि AI भविष्य में इंसान की तरह कंप्यूटर पर काम करने में सक्षम हो सकता है, जैसे किसी वेबसाइट पर फॉर्म भरना या किसी सॉफ्टवेयर में स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया पूरी करना।
हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभी सीमित और नियंत्रित प्रयोगात्मक स्तर पर है।
also read : – 5जी नेटवर्क क्या है? फायदे और नुकसान | 5G Technology in Hindi
Computer Use कैसे काम करता है? (कॉन्सेप्ट लेवल पर)
Anthropic के अनुसार, इस capability का आधार एक observe → decide → act मॉडल है:
- AI को स्क्रीन का विज़ुअल इनपुट मिलता है
- वह यह तय करता है कि अगला सही कदम क्या होना चाहिए
- उसी आधार पर माउस या कीबोर्ड एक्शन करता है
- बदली हुई स्क्रीन को देखकर अगला निर्णय लेता है
यह पूरा सिस्टम अभी research demonstration के रूप में दिखाया गया है, न कि बड़े पैमाने पर उपयोग के लिए।
Model Context Protocol (MCP) क्याहै?
Model Context Protocol (MCP) एक अलग लेकिन उतना ही अहम कॉन्सेप्ट है।
MCP को Anthropic ने एक ऐसे प्रोटोकॉल फ्रेमवर्क के रूप में पेश किया है, जो AI मॉडल और बाहरी सॉफ्टवेयर सिस्टम्स के बीच बेहतर तालमेल बना सके।
इसका उद्देश्य है:
- AI को डेटाबेस, टूल्स और APIs से जोड़ना
- बिना हर बार नया कस्टम कोड लिखे
- ज्यादा सुरक्षित और संरचित तरीके से
MCP को लेकर इंडस्ट्री में चर्चा इसलिए है क्योंकि यह AI एजेंट्स के लिए एक कॉमन इंटरफेस बनने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
also read : – Cloudflare क्या है और यह कैसे काम करता है?
Tech इंडस्ट्री में क्यों मची हलचल ?
हालांकि ये दोनों पहल अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन इनके संभावित असर को लेकर टेक कंपनियां सतर्क हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- AI आधारित ऑटोमेशन BPO और IT सर्विस सेक्टर को प्रभावित कर सकता है
- SaaS कंपनियों के लिए AI-driven workflows आसान हो सकते हैं
- डेटा एंट्री, टेस्टिंग और रिपीटेटिव टास्क में ऑटोमेशन बढ़ सकता है
इसी वजह से इन घोषणाओं को AI के अगले विकास चरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
जॉब्स और सेफ्टी को लेकर Anthropic का रुख
Anthropic का कहना है कि:
- Computer Use जैसी capabilities को human oversight के साथ डिजाइन किया गया है
- सेफ्टी और कंट्रोल को प्राथमिकता दी गई है
- इसका उद्देश्य सीधे जॉब्स को खत्म करना नहीं, बल्कि मानव-AI सहयोग को बेहतर बनाना है
निष्कर्ष
Anthropic द्वारा पेश की गई Computer Use experimental capability और Model Context Protocol (MCP) यह संकेत देती हैं कि AI अब सिर्फ टेक्स्ट या जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा।
हालांकि, यह साफ है कि ये पहलें अभी research और early-stage development में हैं।
भविष्य में अगर ये टेक्नोलॉजी परिपक्व होती हैं, तो सॉफ्टवेयर ऑटोमेशन और AI एजेंट्स के काम करने का तरीका काफी बदल सकता है।

